Skip to main content

Posts

Showing posts with the label प्रश्न

कैमरा ( हिंदी वीणा कक्षा :- IV)

  नया कैमरा चाचा लाए , दरवाजे से ही चिल्लाए – कहाँ गया , जल्दी आ छोटू , बैठ यहाँ , खींचँगा फोटू! मैं बोला – यह क्या है चक्कर , छिपा हुआ क्या इसमें पेंटर ? चित्र बनाता बिलकुल वैसा , मोटा-पतला जो है जैसा। हँसकर बोले चाचा – छोटू , वही रहा बुद्धू का बुद्धू! है प्रकाश-छाया का खेल , बना उसी से संदु र मेल। कागज पर आ जाता रूप , मन कह उठता – क्या ही खूब! फूलों की संदुर फुलवारी , हँसती खिल-खिल क्यारी-क्यारी। कोयल , कौआ या गौरैया , दादी , अम्मा , बड़के भैया। क्लि क करते ही खिच आएँगे , अपनी छाप दिखा जाएँगे। खोटा-खरा जहाँ भी जैसा , चित्र आएगा बिलकुल वैसा। चाहे कह लो इसको नकली , मात करेगा लेकि न असली। जैसी शक्ल , हू-ब-हू चित्र , समझो इसको अपना मित्र! – प्रकाश मनु   व्याकरण  संज्ञा ( Noun ) वह शब्द है जो किसी व्यक्ति , वस्तु , स्थान , भाव या गुण का नाम बताता है। यानी , संज्ञा से हम किसी चीज़ को पहचानते और पुकारते हैं। 👉 संज्ञा के प्रकार 1.     व्यक्तिवाचक संज्ञा – किसी विशेष व्यक्ति , स्थान या वस्तु का नाम o    उदाहरण: राम , दिल्ली , गंगा ...