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मिठाइयों का सम्मेलन (Class 4 Hindi)

  🎭 कहानी का मुख्य दृश्य: दुकान बंद होते ही लड्डू दादा की अध्यक्षता में सभी मिठाइयाँ एक सम्मेलन करती हैं। कलाकंद शिकायत करता है कि डॉक्टर लोग हमें खाने से मना करते हैं। रसगुल्ला कहता है कि उसकी मिठास ही उसकी उपेक्षा का कारण बन गई है। गुलाबजामुन , गुझिया , रबड़ी , जलेबी , बरफी , इमरती , सोनपापड़ी , मैसूरपाक , काजू कतली , आदि अपनी-अपनी बात रखते हैं। सभी मिठाइयाँ इस बात पर सहमत होती हैं कि अति किसी भी चीज़ की बुरी होती है , और मिठाइयों का आनंद तभी है जब उन्हें संतुलन से खाया जाए। 🧠 शिक्षा और संदेश: स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता: मिठाइयाँ स्वादिष्ट हैं, लेकिन ज़्यादा खाने से नुकसान हो सकता है। संवाद और सहयोग: सभी मिठाइयाँ मिलकर अपनी बात कहती हैं और समाधान खोजती हैं। कल्पना और हास्य: बच्चों को कल्पनाशील ढंग से सोचने और भाषा का आनंद लेने का अवसर मिलता है पाठ के भीतर :-  प्रश्न 1:- रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का क्या कारण है? उत्तर:-  रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का  कारण अति मिठास है। प्रश्न 2:- लड्डू ...

ओणम के रंग ( हिंदी कक्षा- 4 ) वीणा

  ओणम के रंग ओणम के रंग -ppt  ओणम के रंग -ppt  ओणम के रंग -ppt  ओणम के रंग -ppt  ओणम के रंग -ppt  ओणम के रंग -ppt  यह चित्र ओणम के त्योहार पर आयोजित नौका-दौड़ का है। केरल राज्य का एक स्थान है ‘आरन्मुला’। ओणम के त्योहार पर यहाँ नौका-दौड़ आयाेजित की जाती है। नावों की इस प्रतियोगिता को देखने के लिए हजारों लोग एकत्रित होकर आनंद लेते हैं। नौका-दौड़ के साथ-साथ ओणम के और भी बहुत से आकर्षण हैं। तो आइए, ओणम के रंगों का आनंद लेते हैं। “रंग-बिरंगे फूल चुनें हम, रंग-बिरंगे फूल चुनें।” सुबह-सुबह बच्चे नहा-धोकर हाथ में टोकरी लिए लाल, पीले, सफेद फूल तोड़ने के लि ए बाग-बगीचों में नि कल पड़े। सूर्योदय होते ही बच्चों ने अपने-अपने घर के आँगन को गो बर से लीपा और फि र आँगन में पूक्कलम (फूलों की रंगाेली) बनाए। इसी के साथ केरल में ओणम का त्योहार शुरू हो गया। वर्षा के बादल छँटते ही ठंडी-ठंडी तेज हवाएँ थम जाती हैं और केरल का प्राकृति क सौंदर्य नि खर उठता है। पूर्व दि शा में सह्य पर्व त के पीछे से जब सूरज निकलता है तो पश्चिमी तट पर समुद्र...