🎭 कहानी का मुख्य दृश्य:
- दुकान बंद होते ही लड्डू दादा की अध्यक्षता में सभी मिठाइयाँ एक सम्मेलन करती हैं।
- कलाकंद शिकायत करता है कि डॉक्टर लोग हमें खाने से मना करते हैं।
- रसगुल्ला कहता है कि उसकी मिठास ही उसकी उपेक्षा का कारण बन गई है।
- गुलाबजामुन, गुझिया, रबड़ी, जलेबी, बरफी, इमरती, सोनपापड़ी, मैसूरपाक, काजू कतली, आदि अपनी-अपनी बात रखते हैं।
- सभी मिठाइयाँ इस बात पर सहमत होती हैं कि अति किसी भी चीज़ की बुरी होती है, और मिठाइयों का आनंद तभी है जब उन्हें संतुलन से खाया जाए।
🧠 शिक्षा और संदेश:
- स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता: मिठाइयाँ स्वादिष्ट हैं, लेकिन ज़्यादा खाने से नुकसान हो सकता है।
- संवाद और सहयोग: सभी मिठाइयाँ मिलकर अपनी बात कहती हैं और समाधान खोजती हैं।
- कल्पना और हास्य: बच्चों को कल्पनाशील ढंग से सोचने और भाषा का आनंद लेने का अवसर मिलता है
पाठ के भीतर :-
- हमें अपने में शक्कर की मात्रा कम करनी चाहिए।
- शक्कर कम होने से ही हम लोगों के मन में मिठास बढ़ा सकते हैं।
- लोगों को भी चाहि ए कि वे अपनी जीभ पर थोड़ा नियंत्रण रखें।
- हमारा सेवन करें पर अति न करें।
- शारीरिक श्रम करते रहें और स्वस्थ रहें।
हम और हमारा स्वास्थ्य:-
प्रश्न:- स्वस्थ रहने के लि ए आप क्या -क्या करते हैं? इससे सम्बंधित पाँच वाक्य अपनी लेखन -पुस्ति का में लिखए?
स्वस्थ रहने के लिए पाँच वाक्य
- मैं रोज़ सुबह व्यायाम करता/करती हूँ।
- मैं संतुलित आहार में फल, सब्ज़ियाँ और प्रोटीन शामिल करता/करती हूँ।
- मैं पर्याप्त पानी पीता/पीती हूँ और शक्कर-तैलीय चीज़ें कम खाता/खाती हूँ।
- मैं हर रात समय पर सोने की आदत बनाता/बनाती हूँ।
- मैं तनाव कम करने के लिए ध्यान और गहरी साँसों का अभ्यास करता/करती हूँ।
- अंगूर खट्टे हैं
- एक अनार सौ बीमार.
- आम के आम, गुठलियों के दाम .
- निम्बू निचोड़ना.
- छुरी खरबूजे पर गिरे या खरबूजा छुरी पर
| हिंदी अनुछेद अभ्यास |
गाँव की पुस्तकालय
हमारे गाँव में एक छोटी पर
सुंदर सार्वजनिक पुस्तकालय है। यह पुस्तकालय गाँव के बगीचे के पास स्थित है।
पुस्तकालय की छत पर सूर्य की किरणें सुबह-सुबह सुनहरी चमक फैलाती हैं। पुस्तकालय
के अंदर दीवारों पर रंग-बिरनी तख्ती लगी है और अलमारियों में कहानी, विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी
तथा इतिहास की किताबें व्यवस्थित रखी हैं। वहाँ एक दीर्घकालीन मेज़ और चार
कुर्सियाँ हैं जहाँ बच्चे और बड़े आराम से पढ़ सकते हैं। पुस्तकालय में मासिक
निबंध प्रतियोगिता और कहानी-पाठ का आयोजन होता है। गाँव के विद्यालय के छात्र
अक्सर पुस्तकालय आते हैं ताकि होमवर्क, परियोजना और पुस्तकीय ज्ञान के लिए मदद मिल सके।
पुस्तकालय के मित्र मीनू दीदी और राकेश अंकल वहाँ स्वयंसेवक के रूप में काम करते
हैं। वे छोटे बच्चों को पुस्तक वापस करने और नई किताब चुनने में मदद करते हैं।
पुस्तकालय की सबसे मशहूर किताबें लोककथाओं और विज्ञान प्रयोगों पर आधारित हैं।
गर्मी की छुट्टियों में पुस्तकालय में कहानियों का समय रखा जाता है जिसमें
बुज़ुर्ग भी बच्चों को रोचक कथाएँ सुनाते हैं। इस पुस्तकालय ने गाँव में पढ़ने की
आदत को बढ़ाया है और बच्चों के मन में ज्ञान के प्रति जिज्ञासा जगाई है।
1. उपर्युक्त पाठ का शीर्षक क्या है।
2. पुस्तकालय गाँव के किस स्थान पर स्थित है।
3. पुस्तकालय के अंदर किस तरह की चीजें दीवारों और
अलमारियों पर हैं।
4. पुस्तकालय में पढ़ने के लिए कौन-कौन आते हैं।
5. मीनू दीदी और राकेश अंकल पुस्तकालय में क्या करते
हैं।
6. पुस्तकालय में मुख्य रूप से किन विषयों की किताबें
मिलती हैं।
7. मासिक निबंध प्रतियोगिता और कहानी-पाठ का आयोजन कब
होता है या किसके द्वारा किया जाता है।
8. गर्मी की छुट्टियों में पुस्तकालय में क्या विशेष
कार्यक्रम होता है।
9. पाठ के आधार पर बताइए पुस्तकालय ने गाँव पर क्या
प्रभाव डाला है।
10.
"जिज्ञासा"
शब्द का अर्थ बताइए और इसे वाक्य
में प्रयोग कीजिए।
| हिंदी अनुछेद अभ्यास |
गाँव का बसंत उत्सव
बसंत का महीना आते ही
हमारे गाँव में खुशियों की लहर दौड़ जाती है। खेतों में सरसों के पीले फूल खेतों
को सुनहरा बना देते हैं। गाँव के लोग त्योहार की तैयारी में जुट जाते हैं। महिलाएँ
रंग-बिरंगे कपड़े और चुनरियाँ पहनती हैं,
बच्चे पतंग उड़ाने की तैयारी करते
हैं, और बुजुर्ग खुशी से गीत गाते हैं। गाँव के चौपाल पर मेले जैसा
माहौल होता है। वहाँ लकड़ी की झूले, मिठाइयों की दुकानें और लोक कलाकारों के छोटे-छोटे
कार्यक्रम लगते हैं। मेरा पसंदीदा हिस्सा पतंगबाज़ी है। हम दोस्तों के साथ मिलकर
पतंग बनाते हैं, डोर पर रंग और कागज़ चढ़ाते हैं और छत पर जाकर हवा
में पतंग छोड़ते हैं। पतंग उड़ाने में धैर्य और समन्वय दोनों चाहिए होते हैं। कई
बार पतंग लड़ाई में पतंग कटने पर दुख होता है, पर हम
फिर भी एक-दूसरे की मदद करते हैं और नई पतंग बनाते हैं। उत्सव के दिन गाँव के
स्कूल में नाटक और नृत्य भी होते हैं। रात में सब लोग बड़ी चौपाल में इकट्ठा होकर
लड्डू और गुड़ की बड़ी थाली बाँटते हैं और माता-पिता बच्चों को नई बातों के लिए
प्रोत्साहित करते हैं। यह उत्सव हमें प्रकृति के बदलते मौसम, परंपराओं
और मेल-जोल की अहमियत सिखाता है। जब उत्सव खत्म होता है, तो
हमारे दिलों में अपनत्व और खुशियों की मीठी यादें बचती हैं जो अगले साल तक हमें
उत्साहित रखती हैं।
प्रश्न
1.
अनुच्छेद
के अनुसार बसंत में खेतों में कौन से फूल खिलते हैं।
2.
गाँव
के लोग उत्सव की तैयारी के दौरान कौन-कौन सी गतिविधियाँ करते हैं।
3.
लेखक
को उत्सव का कौन सा हिस्सा सबसे अधिक पसंद है और क्यों।
4.
पतंग
उड़ाने में किन दो गुणों का होना ज़रूरी बताया गया है।
5.
जब
पतंग कट जाती है तो लेखक और उसके दोस्त क्या करते हैं।
6.
गाँव
के चौपाल पर किस तरह का माहौल होता है।
7.
सही या
गलत: रात में लोग चौपाल में इकट्ठा होकर लड्डू और गुड़ नहीं बाँटते।
8.
अनुच्छेद
में उत्सव से क्या सीखने को मिलता है वह वाक्य में लिखिए।
9.
नीचे
दिए शब्दों का विलोम लिखिए: खुशी, साथ।
10.
“हम फिर भी एक-दूसरे की मदद करते हैं” — इस वाक्य
में से क्रिया शब्द निकालकर लिखिए।











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