प्रश्न 1: “अब मैं तुझे और बिठाकर नहीं खिला सकती।” मदन की माँ ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: क्योंकि मदन की माँ बहुत गरीब थी। उसके पास इतना साधन नहीं था कि वह उसे आराम से बैठाकर खाना खिला सके। वह चाहती थी कि मदन काम करके कुछ कमाए और घर की मदद करे।
प्रश्न 2: जब मदन ने महल का रास्ता पूछा तो धनू शाह ने ऐसा क्यों कहा कि अगर वह नहीं तो और कौन जानेगा?
उत्तर: क्योंकि धनू शाह स्वयं चोर था और उसी रात महल में चोरी करने जा रहा था। उसे महल का रास्ता अच्छी तरह मालूम था, इसलिए उसने गर्व से ऐसा कहा।
प्रश्न 3:कहानी में मदन की कविता को विचित्र कहा गया है। क्या आपको भी ऐसा ही लगता है?कारण सहित लिखि ए।
उत्तर:कहानी में मदन की कविता को विचित्र कहा गया है क्योंकि उसमें कोई विशेष छंद या नियम नहीं था। उसने रास्ते में देखी गई साधारण घटनाओं—कुत्ते का खोदना, भैंस का पानी पीना, चिड़िया की झाँक-झाँक और धनू शाह का नाम—को जोड़कर कविता बना दी थी।
मुझे भी यह कविता थोड़ी विचित्र लगती है, क्योंकि यह सामान्य कविताओं जैसी नहीं थी। लेकिन साथ ही यह बहुत मौलिक और मज़ेदार थी। उसकी सादगी और सहजता ही राजा को भा गई और यही कविता बाद में चोरों को पकड़ने में मददगार साबित हुई।
प्रश्न 4:राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी। आपको यह कैसी लगी?
उत्तर:राजा को मदन की कविता पहेली जैसी लगी क्योंकि उसमें साधारण घटनाओं को अजीब ढंग से जोड़ा गया था—कुत्ते का खोदना, भैंस का पानी पीना, चिड़िया की झाँक-झाँक और धनू शाह का नाम। यह सब मिलकर कविता को रहस्यमयी और पहेली जैसी बना देता है।
प्रश्न 1:“सुरुर-सुरुर का पीबत है” पंक्ति में पीने के साथ ‘सुरुर-सुरुर’ शब्द का ही प्रयोग क्यों कि या गया है?
यह शब्द ध्वनि-अनुकरण का उदाहरण है
प्रश्न 2:राजदरबार में कवि -सम्मेलन हो रहा है। सबसे अच्छी कवि ता सुनाने वाले को सौ अशर्फ़ियाँ पुरस्कार में मिलेंगी। सौ अशर्फ़ियाँ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:“सौ अशर्फ़ियाँ” से तात्पर्य है सौ सोने के सिक्के। पुराने समय में अशर्फ़ी सोने का सिक्का होता था, जिसे बहुत मूल्यवान माना जाता था।
उत्तर:“सरक-सरक कहाँ भागत है” पंक्ति में ‘सरक-सरक’ शब्द का प्रयोग किसी प्राणी या वस्तु के धीरे-धीरे खिसकने या सरकते हुए भागने की क्रिया को व्यक्त करने के लिए किया गया है।
प्रश्न 4:“अब कोई चारा नहीं। बस राजा साहब से दया की भीख माँग सकता हूँ।” ऐसा धन्नू शाह ने क्यों सोचा?उत्तर:धन्नू शाह ने सोचा – “अब कोई चारा नहीं। बस राजा साहब से दया की भीख माँग सकता हूँ।” क्योंकि उसकी चोरी की योजना पूरी तरह असफल हो गई थी। मदन की कविता के कारण राजा जागते रहे और चोर पकड़े गए। इस स्थिति में धन्नू शाह के पास बचने का कोई उपाय नहीं था। उसे लगा कि अब केवल राजा से दया की प्रार्थना करके ही वह सज़ा से बच सकता है
उत्तर:यदि मदन रोजगार की खोज में घर से बाहर नहीं निकलता, तो वह कविता प्रतियोगिता के बारे में कभी नहीं जान पाता। उसे रास्ते में दिखी घटनाओं से कविता बनाने का अवसर नहीं मिलता और न ही वह राजदरबार पहुँचता। परिणामस्वरूप राजा को उसकी कविता सुनने का मौका नहीं मिलता, चोर पकड़े नहीं जाते और खजाना भी सुरक्षित नहीं रहता।
प्रश्न 2:अपनी कल्पना और अनुमान से बताइए कि राजमहल कैसा होता होगा।उत्तर:राजा के खजाने में उस समय बहुत-सी कीमती वस्तुएँ होती होंगी। जैसे—सोने-चाँदी के सिक्के, अशर्फ़ियाँ, हीरे-मोती, जवाहरात, बहुमूल्य आभूषण, कीमती कपड़े और शाही सामान। खजाना इतना विशाल होता होगा कि उसे सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग कक्ष और सख़्त पहरेदार रखे जाते होंगे।
उत्तर: मदन की कविता से प्रसन्न होकर राजा ने उसे विदा करते समय कई उपहार दिए होंगे। जैसे—
- सौ अशर्फ़ियाँ (सोने के सिक्के) इनाम के रूप में।
- सुंदर कपड़े और आभूषण, ताकि उसकी गरीबी दूर हो सके।
- शायद कुछ फल, मिठाइयाँ और शाही वस्त्र, जो राजदरबार में सम्मानित अतिथियों को दिए जाते थे।
- साथ ही राजा ने उसे सम्मान और आदर भी दिया होगा, जो किसी भी भौतिक उपहार से अधिक मूल्यवान था।
गद्यांश:-1
✨ कहानी: “गुल्लक का राज़”
रवि के पास एक छोटी-सी मिट्टी की गुल्लक थी। वह रोज़ उसमें कुछ न कुछ पैसे डालता था। कभी माँ देती, कभी पापा, और कभी वह खुद अपनी बचत डाल देता। धीरे-धीरे गुल्लक भारी होने लगी। एक दिन उसके दोस्त ने पूछा—“रवि, इसमें कितने पैसे होंगे?”
रवि मुस्कुराया और बोला—“यह तो तभी पता चलेगा जब इसे तोड़ेंगे।”
माँ ने कहा—“गुल्लक तोड़ने से पहले सोचो कि पैसों का क्या करना है।”
रवि ने तय किया कि वह पैसों से किताबें खरीदेगा। जब गुल्लक टूटी तो उसमें सौ रुपए निकले। रवि बहुत खुश हुआ और किताबों की दुकान पर जाकर अपनी पसंद की किताबें ले आया।
❓ प्रश्न (बहुविकल्पीय शैली)
- रवि के पास किस चीज़ की गुल्लक थी?
- गुल्लक में पैसे कौन-कौन डालते थे?
- गुल्लक भारी क्यों होने लगी?
- रवि के दोस्त ने उससे क्या पूछा?
- गुल्लक तोड़ने से पहले माँ ने क्या कहा?
- रवि ने पैसों का क्या करने का निश्चय किया?
- गुल्लक में कितने रुपए निकले?
- गुल्लक टूटने पर रवि कैसा महसूस कर रहा था?
- रवि ने पैसों से क्या खरीदा?
- इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
Comments
Post a Comment