🎭 कहानी का मुख्य दृश्य: दुकान बंद होते ही लड्डू दादा की अध्यक्षता में सभी मिठाइयाँ एक सम्मेलन करती हैं। कलाकंद शिकायत करता है कि डॉक्टर लोग हमें खाने से मना करते हैं। रसगुल्ला कहता है कि उसकी मिठास ही उसकी उपेक्षा का कारण बन गई है। गुलाबजामुन , गुझिया , रबड़ी , जलेबी , बरफी , इमरती , सोनपापड़ी , मैसूरपाक , काजू कतली , आदि अपनी-अपनी बात रखते हैं। सभी मिठाइयाँ इस बात पर सहमत होती हैं कि अति किसी भी चीज़ की बुरी होती है , और मिठाइयों का आनंद तभी है जब उन्हें संतुलन से खाया जाए। 🧠 शिक्षा और संदेश: स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता: मिठाइयाँ स्वादिष्ट हैं, लेकिन ज़्यादा खाने से नुकसान हो सकता है। संवाद और सहयोग: सभी मिठाइयाँ मिलकर अपनी बात कहती हैं और समाधान खोजती हैं। कल्पना और हास्य: बच्चों को कल्पनाशील ढंग से सोचने और भाषा का आनंद लेने का अवसर मिलता है पाठ के भीतर :- प्रश्न 1:- रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का क्या कारण है? उत्तर:- रसगुल्ला भाई के अनुसार मिठाइयों की उपेक्षा का कारण अति मिठास है। प्रश्न 2:- लड्डू ...
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